FD vs MF: 5 साल में कहां बनेगा ज्‍यादा पैसा

निवेश के बेहतर चुनाव के लिए जरूरी है कि इससे जुड़े रिस्क और रिटर्न पर ध्यान दें

निवेश के लिहाज से अगर फिक्स डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड में से किसी एक को चुनना हो तो किसे चुनेंगे आप?

निवेश के बेहतर चुनाव के लिए जरूरी है कि इससे जुड़े रिस्क और रिटर्न पर ध्यान दें. साथ ही अपने वित्तीय लक्ष्य को भी ध्यान में रखें

FD के जरिए निश्चित रिटर्न मिलता है. इसमें शेयर बाजार की तरह उतार-चढ़ाव जैसे जोखिम नहीं देखने को मिलता

– इनकम टैक्स छूट का फायदा मिलता है. इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80C के तहत इसमें टैक्स छूट का फायदा मिलता है.

– बैंक जमा रकम पर ओवर ड्राफ्ट की भी सुविधा मिलती है. इससे ग्राहकों को किसी भी स्थिति में FD को तोड़ बिना ही फंड मिल सकता है.

अगर आप म्यूचुअल फंड में एकमुश्त रकम डालते हैं तो आपकी रकम का मैनेजमेंट प्रोफेशनल फंड मैनेजर देखते हैं. इससे आपकी मेहनत की कमाई सही तरीके से निवेश होगी.

जोखिम के साथ तगड़े रिटर्न के लिए म्यूचुअल फंड्स का विकल्प बेहतर चुनाव होता है.

– अगर आपका निवेश टैक्स सेविंग स्कीम में है, तो टैक्स से भी राहत मिलेगी. इसमें आप सालाना डेढ़ लाख रुपए तक की रकम पर छूट पा सकते हैं.

अगर आपने म्यूचुअल फंड में 5 लाख रुपए का एकमुश्त निवेश किया है तो आपको FD के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलेगा.

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